यूरोप: पूरा यूरोपीय महाद्वीप इस समय रिकॉर्डतोड़ गर्मी से झुलस रहा है। स्पेन से लेकर जर्मनी और फ्रांस से लेकर नीदरलैंड्स तक, ज्यादातर देशों में तापमान 40°C से 42°C के पार पहुंच गया है। हमेशा ठंडे रहने वाले इन देशों में इतनी तेज गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। गर्मी से जा रही लोगों की जान इस भयंकर गर्मी ने अब जानलेवा रूप ले लिया है। रिपोर्टों के मुताबिक, पूरे यूरोप में लू (हीटस्ट्रोक) लगने से अब तक 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। कई रिपोर्ट के मुताबिक ये एकड़ 1000 छू चुका है। जान गंवाने वालों में सबसे ज्यादा संख्या बुजुर्गों और बीमार लोगों की है। अचानक हो रही इन मौतों से कई देशों की सरकारों में हड़कंप मच गया है और आपातकाल जैसी स्थिति बन गई है। पिघल रही हैं चीजें सोशल मीडिया पर यूरोप के अलग-अलग हिस्सों से डराने वाले वीडियो सामने आ रहे हैं। इतनी तेज धूप पड़ रही है कि सड़कों का डामर पिघलने लगा है और गाड़ियों के टायर उसमें धंस रहे हैं। वीडियो में साफ दिख रहा है कि धूप में खड़ी कारों के बंपर और सड़क पर लगी स्ट्रीट लाइटें तक पिघल कर लटक गई हैं। लोग धूप से बचने के लिए अपनी खिड़कियों पर एल्युमिनियम फॉयल चिपका रहे हैं। यूरोपीय देशों में सब कुछ ठप यूरोप में ज्यादातर घरों और सरकारी बसों-ट्रेनों में एसी (AC) नहीं होते हैं, इसलिए यह गर्मी जानलेवा साबित हो रही है। हर तरफ रेड अलर्ट: कई बड़े यूरोपीय शहरों में सबसे बड़ा अलर्ट जारी कर दिया गया है और लोगों को घरों में रहने को कहा गया है। ट्रेनें रुकीं: ज्यादा गर्मी से लोहे की पटरियां फैल रही हैं, जिससे हादसों को रोकने के लिए कई देशों में ट्रेनों को रोक दिया गया है। अस्पतालों में भीड़: चक्कर आने और शरीर में पानी की कमी के कारण अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ है। बिजली कटी: पंखे और कूलर का इस्तेमाल अचानक बढ़ने से कई देशों के पावर ग्रिड फेल हो गए हैं और बिजली कट रही है। मौसम वैज्ञानिकों की चेतावनी है कि यह भयंकर गर्मी पर्यावरण में हो रहे बदलाव (Global Warming) का ही नतीजा है। अगर मौसम ऐसा ही रहा, तो आने वाले दिन और भी ज्यादा मुश्किल भरे हो सकते हैं। Post navigation पीएम मोदी का सेशेल्स दौरा क्यों है खास? 11 साल बाद होगी दूसरी राजकीय यात्रा LA Olympics: पुरुष और महिला टीमों के लिए क्वालिफिकेशन प्रक्रिया का ऐलान