कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के कारण बड़े पैमाने पर नौकरियां खत्म होने का डर काफी हद तक बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है। एआई शोधकर्ता और उद्यमी Andrew Ng का कहना है कि यह तकनीक अभी अधिकांश मानवीय भूमिकाओं को पूरी तरह से बदलने से काफी दूर है। 19 जनवरी को दावोस में आयोजित World Economic Forum के दौरान मनीकंट्रोल से बातचीत में एनजी ने कहा कि हाल के समय में टेक सेक्टर में हुई छंटनी का कारण अक्सर गलत तरीके से एआई को ठहराया जाता है। उन्होंने कहा, “अब तक एआई से जुड़ी नौकरी जाने की घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया है।” उनका मानना है कि कई कंपनियों में कर्मचारियों की संख्या में कटौती दरअसल महामारी के दौरान जरूरत से ज्यादा भर्ती (ओवरहायरिंग) किए जाने का परिणाम है। एनजी, जो DeepLearning.AI के संस्थापक, AI Fund के मैनेजिंग जनरल पार्टनर और Coursera के सह-संस्थापक हैं, ने यह भी जोर देकर कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के वास्तविक प्रभाव को समझने के लिए यह देखना जरूरी है कि यह नौकरियों के भीतर मौजूद अलग-अलग कार्यों (टास्क) को कैसे प्रभावित करता है, न कि पूरी नौकरी को एक साथ कैसे बदलता है। उनके अनुसार, एआई कुछ विशेष कार्यों को स्वचालित कर सकता है, लेकिन इससे पूरी भूमिका समाप्त हो जाएगी, ऐसा मानना अभी जल्दबाजी होगी। Post navigation 2030 तक अपर मिडिल-इनकम देश बनने की राह पर, प्रति व्यक्ति आय 4,000 डॉलर तक पहुंचने का अनुमान: State Bank of India रिपोर्ट दिल्ली-एनसीआर में मौसम ने ली करवट, हल्की बारिश से मिली राहत