महाराष्ट्र के पुणे में कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं। अब इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। केतन के पिता की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनसे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। एफआईआर के अनुसार, केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी पर केतन की हत्या की साजिश रचने के आरोप लगाए गए हैं। FIR में सिया गोयल के व्यवहार को लेकर लगाए गए गंभीर आरोप केतन अग्रवाल के पिता विशाल देवीचंद अग्रवाल द्वारा 23 जून को दर्ज कराई गई एफआईआर में दावा किया गया है कि सिया गोयल पिछले कुछ समय से अलग तरह का व्यवहार कर रही थीं। परिवार के मुताबिक, वह छोटी-छोटी बातों पर नाराज हो जाती थीं और अक्सर केतन के साथ विवाद होता रहता था। एफआईआर में यह भी उल्लेख किया गया है कि 4 जून को लोहागढ़ किला की यात्रा रद्द होने के बाद सिया काफी नाराज हो गई थीं और वहां जाने पर जोर दे रही थीं। परिवार का आरोप है कि इसी यात्रा को लेकर सिया ने केतन पर लगातार दबाव बनाया था। FIR में दर्ज इन बातों पर टिकी हैं सबकी नजरें * विशाल देवीचंद अग्रवाल ने 23 जून को इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी। * परिवार का आरोप है कि सिया गोयल पिछले कुछ समय से बदले हुए व्यवहार का प्रदर्शन कर रही थीं और छोटी-छोटी बातों पर विवाद हो जाता था। * एफआईआर के मुताबिक, सिया लगातार लोहागढ़ किला घूमने जाने के लिए केतन पर जोर दे रही थीं। * शिकायत में कहा गया है कि 17 जून की रात सिया ने अपने जन्मदिन का हवाला देते हुए केतन को 18 जून को लोहागढ़ जाने के लिए राजी किया था। * केतन की मां ने शुरुआत में इस यात्रा के लिए अनुमति नहीं दी थी, लेकिन बाद में सिया ने उनसे बातचीत कर सहमति हासिल कर ली थी। * 18 जून को केतन ने सिया को किवाले पुल से अपने साथ लिया और दोनों लोहागढ़ किले के लिए रवाना हुए थे। * परिवार के अनुसार, सुबह करीब 10:45 बजे सिया ने फोन कर केतन के खाई में गिरने की सूचना दी थी। * 21 जून को घटनास्थल का दौरा करने के बाद परिवार ने दावा किया कि वहां से दुर्घटनावश फिसलकर गिरने की संभावना बेहद कम प्रतीत होती है। * परिवार का यह भी आरोप है कि सिया का फोन अक्सर व्यस्त रहता था और वह बातचीत के दौरान कई बार चेतन चौधरी का जिक्र करती थीं। * एफआईआर में सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच कथित संबंध होने तथा केतन को रास्ते से हटाने के उद्देश्य से साजिश रचने के आरोप लगाए गए हैं। क्या जन्मदिन का जश्न बना केतन को लोहागढ़ ले जाने की वजह? एफआईआर के अनुसार, 17 जून की रात सिया ने व्हाट्सऐप कॉल के जरिए अपने जन्मदिन का जिक्र करते हुए केतन से अगले दिन घूमने चलने का आग्रह किया था। शुरुआत में केतन की मां राखी अग्रवाल ने इस यात्रा की अनुमति देने से इनकार कर दिया था, लेकिन बाद में सिया ने उनसे सीधे बातचीत कर उन्हें इसके लिए राजी कर लिया। 18 जून की सुबह केतन घर से निकला और पुणे-मुंबई हाईवे स्थित किवाले पुल के पास से सिया को अपने साथ लेकर लोहागढ़ किले के लिए रवाना हुआ। शिकायत के मुताबिक, सुबह करीब 10:45 बजे सिया ने केतन की मां को फोन कर बताया कि केतन खाई में गिर गया है। इसके बाद पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से केतन को खाई से बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। केतन मामले में परिवार ने हादसे पर क्यों उठाए सवाल? घटना के तीन दिन बाद, 21 जून को केतन के पिता और परिवार के अन्य सदस्य उस जगह पर पहुंचे, जहां से केतन के गिरने की बात कही गई थी। परिवार के साथ उनके मित्र नवदीप जिंदल और तरुण मित्तल भी मौजूद थे। एफआईआर में दावा किया गया है कि घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद परिवार इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि वहां से किसी व्यक्ति का अनजाने में फिसलकर गिर जाना बेहद असंभव प्रतीत होता है। इसी दौरान परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि सिया का फोन अक्सर व्यस्त रहता था और बातचीत के दौरान वह कई बार चेतन चौधरी नाम के व्यक्ति का जिक्र करती थीं। इन परिस्थितियों के आधार पर परिवार ने दोनों के बीच कथित संबंध होने की आशंका जताई। Post navigation यूपी भाजपा की नई टीम पर घमासान, चयन प्रक्रिया पर उठे सवाल Modi Cabinet Reshuffle: क्या शक्तिकांत दास संभालेंगे वित्त मंत्रालय?