देश इस साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर को भी खास तरीके से मनाने की तैयारी कर रहा है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लोगों में देशभक्ति की भावना जगाने वाले इस गीत का स्वतंत्रता दिवस समारोहों में विशेष महत्व रहने वाला है। स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा रहा है गहरा संबंध ‘वंदे मातरम्’ का भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से गहरा संबंध रहा है। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित इस गीत ने आजादी की लड़ाई के दौरान लोगों में राष्ट्रीय भावना और एकजुटता की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में यह गीत देशवासियों के बीच जोश और देशभक्ति की भावना जगाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बना। समय के साथ ‘वंदे मातरम्’ भारतीय इतिहास और राष्ट्रीय चेतना का एक महत्वपूर्ण प्रतीक बन गया, जिसकी गूंज आज भी स्वतंत्रता दिवस और अन्य राष्ट्रीय अवसरों पर सुनाई देती है। 15 अगस्त के कार्यक्रमों में विशेष प्रस्तुति स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभर में आयोजित होने वाले सरकारी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ को विशेष स्थान दिए जाने की उम्मीद है। इसकी 150वीं वर्षगांठ के कारण इस बार इसके आयोजन को लेकर खास उत्साह देखने को मिल रहा है। कई जगहों पर सामूहिक गायन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और विशेष कार्यक्रमों के जरिए ‘वंदे मातरम्’ की ऐतिहासिक यात्रा और महत्व को लोगों तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। इन आयोजनों का उद्देश्य नई पीढ़ी को देश के स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रगीत से जुड़े इतिहास से परिचित कराना भी है। युवाओं तक पहुंचाने पर जोर सरकार की ओर से ‘वंदे मातरम्’ के इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम में इसके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर भी जोर दिया जा रहा है। स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न संस्थानों में इससे जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के जरिए छात्रों और युवाओं को इसके ऐतिहासिक महत्व और आजादी की लड़ाई में निभाई गई भूमिका के बारे में जानकारी दी जा रही है। साथ ही, लोगों को देश के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े महत्वपूर्ण अध्यायों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। देशभक्ति की भावना से जुड़ा प्रतीक ‘वंदे मातरम्’ आज भी देश की राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्रता आंदोलन की याद से जुड़ा हुआ है। ऐसे में 15 अगस्त 2026 को इसकी 150वीं वर्षगांठ के साथ स्वतंत्रता दिवस समारोहों में इसकी मौजूदगी इस अवसर को और खास बना सकती है। Post navigation FCRA Amendment Bill 2026: विदेशी फंडिंग बिल JPC के पास भेजा गया रूस से तेल खरीद पर भारत को 100% टैरिफ का खतरा, US सीनेट ने बिल मंजूर किया