राष्ट्रीय जनता दल के सुनील कुमार सिंह और भारतीय जनता पार्टी के संजय मयूख पहले भी विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं, इसलिए उनके लिए यह अनुभव नया नहीं है। हालांकि, बाकी आठ सदस्यों के लिए यह राजनीति के सफर का एक अहम और पहला अवसर है। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे निशांत कुमार के साथ-साथ भोजपुरी फिल्म उद्योग के लोकप्रिय अभिनेता पवन सिंह भी शामिल हैं। आज इन आठ नए चेहरों के साथ दो अनुभवी सदस्य मिलकर कुल 10 लोग बिहार विधान परिषद की सदस्यता की शपथ लेंगे। ये सभी पिछले महीने संपन्न हुए द्विवार्षिक चुनाव और उपचुनाव में निर्विरोध निर्वाचित होकर सदन तक पहुंचे हैं। इनका शपथ ग्रहण समारोह शाम चार बजे आयोजित किया जाएगा। इस बार देर नहीं चलेगी! पवन सिंह को समय पर पहुंचने के निर्देश हालांकि, सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ ग्रहण समारोह में समय से पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन भोजपुरी अभिनेता और नव-निर्वाचित सदस्य पवन सिंह को विशेष रूप से निर्धारित समय से पहले पहुंचने के लिए कहा गया है। इसकी वजह उनका नामांकन के दौरान देरी से पहुंचना माना जा रहा है। नामांकन के समय उनके पहुंचने से पहले ही उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी वहां मौजूद थे। सम्राट चौधरी पहले विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं और इस बार विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। वह समय पर कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए थे, जबकि पवन सिंह निर्धारित समय के बाद पहुंचे थे। पवन सिंह ने उस दौरान देरी के लिए खेद भी व्यक्त किया था। इतना ही नहीं, निर्वाचन प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए भी वह स्वयं उपस्थित नहीं हो सके थे। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उन्हें इस बार शपथ ग्रहण समारोह में समय से पहले पहुंचने की विशेष सलाह दी गई है। बिहार विधान परिषद में आज किस पार्टी के कौन-कौन नेता लेंगे शपथ? पिछले महीने बिहार विधान परिषद की नौ सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे से रिक्त हुई एक सीट पर उपचुनाव कराया गया था। कुल 10 सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही दो नामों की चर्चा सबसे ज्यादा थी—पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश। हालांकि, दीपक प्रकाश को विधान परिषद चुनाव में उम्मीदवार नहीं बनाया गया। अब उनके लिए राज्यपाल कोटे से एक सीट उपलब्ध कराए जाने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि चुनाव से पहले उनके लिए कोई सीट सुरक्षित नहीं रखी गई थी। भारतीय जनता पार्टी ने पवन सिंह, संजय मयूख, शीला पांडेय और अनिल ठाकुर को उम्मीदवार बनाया था। वहीं, जनता दल (यूनाइटेड) ने निशांत कुमार, भारती मेहता, शिवरानी देवी प्रजापति और ललन प्रसाद को मैदान में उतारा। इसी बीच लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की ओर से अशरफ अंसारी का नाम भी सामने आया। इन सभी उम्मीदवारों की जीत पहले से लगभग तय मानी जा रही थी और अंततः सभी निर्विरोध निर्वाचित होकर विधान परिषद पहुंचने में सफल रहे। दूसरी ओर, विपक्ष के पास केवल एक सीट पर जीत की संभावना थी, जिस पर राष्ट्रीय जनता दल ने सुनील कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया और वह भी निर्विरोध निर्वाचित हुए। अब आज ये सभी सदस्य विधान परिषद की सदस्यता की शपथ लेंगे। Post navigation Uttar Pradesh: सपा में बड़ा बदलाव, मुख्य सचेतक पद से Kamal Akhtar का इस्तीफा Bihar Politics: शपथ ग्रहण के बाद नेताओं की दौड़-भाग, शाम में सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल की बैठक