जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला बुधवार रात एक फायरिंग की घटना में बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में हुई, जहां रॉयल पार्क के बाहर एक शादी समारोह चल रहा था। उसी समारोह में फारूक अब्दुल्ला और जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी मौजूद थे।

बताया जा रहा है कि देर रात अचानक गोली चलने से वहां अफरा-तफरी मच गई। हालांकि इस घटना में फारूक अब्दुल्ला को कोई नुकसान नहीं हुआ। बाद में उन्होंने इस हमले पर प्रतिक्रिया भी दी।

25 साल में चार बार हुए आतंकी हमले

डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर पिछले 25 साल में चार बड़े आतंकी हमले हो चुके हैं।

* 11 जुलाई 2001: श्रीनगर के खानयार इलाके में उनकी रैली पर आतंकियों ने राइफल ग्रेनेड से हमला किया। ग्रेनेड सड़क पर गिरा, जिसमें एक महिला की मौत हो गई और पांच लोग घायल हुए।

* 15 जून 2002: श्रीनगर के बेमिना में एक कार्यक्रम के दौरान आतंकियों ने उन्हें निशाना बनाते हुए दो राइफल ग्रेनेड दागे, लेकिन वे हवा में ही फट गए।

* 19 अप्रैल 2004: बडगाम के रायथन इलाके में चुनावी रैली के लिए जा रहे उनके काफिले पर ग्रेनेड से हमला किया गया, लेकिन इसमें कोई नुकसान नहीं हुआ।

2004 में IED विस्फोट से भी बचे

24 अक्टूबर 2004 को अनंतनाग के संगम इलाके में एक जनाजे में शामिल होने गए फारूक अब्दुल्ला और उनके बेटे Omar Abdullah के काफिले को निशाना बनाकर आतंकियों ने आईईडी विस्फोट किया था। उस समय भी दोनों पिता-पुत्र बाल-बाल बच गए थे।

इन घटनाओं से साफ है कि डॉ. फारूक अब्दुल्ला कई बार आतंकियों के निशाने पर रहे हैं, लेकिन हर बार वे सुरक्षित बच निकले। अब सुनिए जिसने उन्हें मारने की कोशिश की थी, वो गिरफ्तारी के बाद क्या बोल रहा।

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