आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व नेता और चर्चित कोचिंग शिक्षक अवध ओझा ने एक बार फिर अपने बयान से सुर्खियां बटोरी हैं। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने देश में संभावित “क्रांति और मारकाट” की बात कही। उनका दावा है कि अगर आर्थिक हालात बिगड़े या वैश्विक युद्ध का असर भारत पर पड़ा, तो देश में बड़े स्तर पर उथल-पुथल हो सकती है। ‘इकॉनमी कोलैप्स और युद्ध से हालात बिगड़ेंगे’ ओझा ने कहा कि अगर देश की अर्थव्यवस्था गिरती है, बैंकिंग सिस्टम प्रभावित होता है या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध बढ़ता है, तो स्थिति गंभीर हो सकती है। उन्होंने खास तौर पर ईरान-इजरायल संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि यदि गैस सिलेंडर जैसी जरूरी चीजों की सप्लाई रुकती है, तो बड़े शहरों में हालात बिगड़ सकते हैं।उनके अनुसार, “जब खाने-पीने की कमी होगी, तो भूखा आदमी मरने से पहले प्रतिक्रिया जरूर देगा।” फ्रांस और रूस की क्रांति से तुलना अवध ओझा ने अपने बयान में फ्रांसीसी क्रांति और रूसी क्रांति का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब जनता को बुनियादी जरूरतें नहीं मिलतीं, तो वे सड़कों पर उतर आती है।उन्होंने रूस का उदाहरण देते हुए कहा कि जब लोगों को रोटी नहीं मिली, तो सेना भी जनता के साथ खड़ी हो गई और सत्ता बदल गई। ‘ऐसा हुआ तो मैं चीन चला जाऊंगा’ इंटरव्यू के दौरान ओझा ने हल्के अंदाज में कहा कि अगर ऐसे हालात बने, तो वह चीन चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि वहां उनके दोस्त और बिजनेस कनेक्शन हैं, जिससे उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी।हालांकि उनका यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। राजनीति और केजरीवाल पर भी बोले अवध ओझा ने अरविंद केजरीवाल के विजन की तारीफ की और अपनी चुनावी हार का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें हराने के लिए बड़े स्तर पर प्रयास किए गए। कुल मिलाकर, ओझा का यह बयान राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस का मुद्दा बन गया है, जहां कुछ लोग इसे चेतावनी मान रहे हैं तो कुछ इसे अतिशयोक्ति बता रहे हैं। Post navigation यात्रियों को झटका, एयरलाइंस की जीत: 60% फ्री सीट योजना पर रोक सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट: चंडीगढ़ हमले में इस्तेमाल हुआ पाकिस्तानी GHD2P ग्रेनेड