संसद के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को संसद परिसर में उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब कांग्रेस और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कथित “चंदा चोरी” के मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पप्पू यादव पुजारी के वेश में संसद पहुंचे और सांकेतिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार से जवाब और निष्पक्ष जांच की मांग की। संसद परिसर में हुआ सांकेतिक प्रदर्शन प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव ने पुजारी की वेशभूषा पहनकर विरोध जताया। उनके साथ कांग्रेस के कई सांसद भी मौजूद रहे। विपक्ष का कहना है कि धार्मिक दान और चंदे से जुड़े मामले में पारदर्शिता होनी चाहिए और यदि किसी तरह की अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। कांग्रेस ने सरकार से मांगा जवाब कांग्रेस सांसदों ने संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार से जवाब देने की मांग की। विपक्ष का आरोप है कि संबंधित मामले पर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ रही है, इसलिए पूरे मामले की जांच कराई जानी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने इसे जनता के विश्वास से जुड़ा विषय बताया। भाजपा ने लगाए पलटवार के आरोप विपक्ष के प्रदर्शन पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं। पार्टी का कहना है कि संसद परिसर में इस तरह के सांकेतिक प्रदर्शन से सदन की गरिमा प्रभावित होती है और गंभीर मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। ‘चंदा चोरी’ के मुद्दे को लेकर संसद परिसर में हुए इस प्रदर्शन के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है। एक ओर विपक्ष इस मामले में जवाबदेही और जांच की मांग कर रहा है, वहीं भाजपा इसे केवल राजनीतिक नाटक बता रही है। इस मुद्दे को लेकर संसद के भीतर और बाहर बहस लगातार तेज होती दिखाई दे रही है। Post navigation Uttar Pradesh Politics: ओमप्रकाश राजभर का बड़ा बयान, बोले- सपा में जल्द होगी बड़ी टूट लोकसभा से पास हुआ वंदे मातरम् बिल, राष्ट्रीय गीत के अपमान पर होगी सख्त सजा