महिला टी20 विश्व कप 2026 का समापन ऑस्ट्रेलिया के ऐतिहासिक खिताब के साथ हुआ। फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने इंग्लैंड को सात विकेट से मात देकर रिकॉर्ड सातवीं बार महिला टी20 विश्व कप की ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। पहले गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड को 150 रन पर रोका, जिसके बाद बेथ मूनी की दमदार अर्धशतकीय पारी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने 151 रन का लक्ष्य 17.1 ओवर में केवल तीन विकेट गंवाकर हासिल कर लिया। गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन ने रखी जीत की नींव टॉस जीतने के बाद ऑस्ट्रेलिया की कप्तान सोफी मोलिन्यूक्स ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, जो पूरी तरह सही साबित हुआ। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने शुरुआत से ही कसी हुई गेंदबाजी करते हुए इंग्लैंड के बल्लेबाजों को खुलकर रन बनाने का मौका नहीं दिया। निर्धारित 20 ओवर में इंग्लैंड की टीम चार विकेट के नुकसान पर 150 रन ही बना सकी। 151 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने शुरुआत से ही मैच पर अपना नियंत्रण बनाए रखा। बेथ मूनी ने शानदार अर्धशतकीय पारी खेलते हुए टीम की जीत की राह आसान की। उनकी बेहतरीन बल्लेबाजी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने 17.1 ओवर में तीन विकेट खोकर 153 रन बनाए और सात विकेट से मुकाबला जीतकर रिकॉर्ड सातवीं बार महिला टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया। खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को फिर चटाई धूल महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड चौथी बार फाइनल में आमने-सामने थे, लेकिन नतीजा एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में रहा। इससे पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 2012, 2014 और 2018 के फाइनल में भी इंग्लैंड को हराकर खिताब जीता था। अब 2026 के फाइनल में सात विकेट की जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड के खिलाफ विश्व कप फाइनल में अपना 4-0 का अजेय रिकॉर्ड कायम रखा और रिकॉर्ड सातवीं बार ट्रॉफी अपने नाम कर ली। खिताब जीतने के बाद सोफी मोलिन्यूक्स ने टीम को दिया जीत का श्रेय खिताब जीतने के बाद ऑस्ट्रेलिया की कप्तान सोफी मोलिन्यूक्स भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि यह पल किसी सपने के साकार होने जैसा है। उनके मुताबिक, इस सफलता के पीछे टीम की लंबे समय तक की गई कड़ी मेहनत, बेहतर रणनीति और खिलाड़ियों के बीच मजबूत विश्वास सबसे बड़ी वजह रहे। मोलिन्यूक्स ने कहा, ‘यह एहसास शब्दों में बयां करना मुश्किल है। मेरे पिता भी यहां मौजूद हैं, इसलिए यह पल मेरे लिए और भी खास बन गया है। इस मुकाम तक पहुंचने के लिए हमने काफी मेहनत की और अच्छी तैयारी की। सबसे बड़ी ताकत हमारी टीम रही, जहां हर खिलाड़ी एक-दूसरे के लिए हर संभव प्रयास करने को तैयार था। उन्होंने बताया कि पहली पारी समाप्त होने के बाद टीम ने किसी तरह का दबाव नहीं लिया और अपनी योजनाओं पर पूरा भरोसा बनाए रखा। उनके अनुसार, बड़े टूर्नामेंटों में हर परिस्थिति में शांत रहना और एक जैसी मानसिकता के साथ खेलना सफलता की कुंजी होती है। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने इंग्लैंड की भी जमकर तारीफ की और कहा कि उसने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया। अंत में उन्होंने खिलाड़ियों के परिवारों, सहयोगी स्टाफ, प्रशंसकों और पूरी टीम का धन्यवाद करते हुए कहा कि सभी के सहयोग और विश्वास ने ही ऑस्ट्रेलिया को रिकॉर्ड सातवीं बार महिला टी20 विश्व कप का चैंपियन बनाया। फाइनल में अनुभव के आगे इंग्लैंड पड़ा फीका, ब्रंट ने बताई हार की वजह फाइनल में हार के बाद इंग्लैंड की कप्तान नेट सिवर-ब्रंट ने निराशा जताई, लेकिन अपनी टीम के प्रदर्शन की सराहना भी की। उन्होंने कहा, ‘हार का दुख जरूर है। हमने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन क्रिकेट खेली, लेकिन फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने अपने अनुभव का शानदार प्रदर्शन किया। सिवर-ब्रंट ने स्वीकार किया कि उनकी टीम प्रतिस्पर्धी स्कोर बनाने से करीब 15-20 रन पीछे रह गई। उन्होंने कहा, ‘अगर टॉस हमारे पक्ष में होता तो शायद हम भी पहले गेंदबाजी चुनते। हालांकि, इस पिच पर हमारा स्कोर पर्याप्त नहीं था। बल्लेबाजी के दौरान साझेदारियां नहीं बन सकीं और दबाव के क्षणों में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने बेहद अनुशासित गेंदबाजी की। उन्होंने बेथ मूनी की शानदार पारी की भी सराहना करते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाने के लिए जानी जाती है और उनकी टीम इसके लिए तैयार थी। इंग्लैंड की कप्तान ने कहा, ‘मुझे अपनी टीम पर गर्व है। टूर्नामेंट से पहले खिलाड़ियों ने कड़ी मेहनत की थी। यह ऐसा समूह है जो हमेशा एक-दूसरे का साथ देता है और टीम के लिए पूरी निष्ठा के साथ खेलता है। अंत में सिवर-ब्रंट ने प्रशंसकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा, ‘अपने देश का प्रतिनिधित्व करना हमारे लिए गर्व की बात है। पूरे टूर्नामेंट में हमें जिस तरह का समर्थन मिला, उसके लिए मैं सभी प्रशंसकों की दिल से आभारी हूं। Post navigation Women’s T20 World Cup Final: इंग्लैंड के सामने इतिहास दोहराने की चुनौती, ऑस्ट्रेलिया सातवें खिताब से एक कदम दूर IND vs ZIM: टीम इंडिया में चार नए खिलाड़ियों की एंट्री, कौन करेगा सबसे ज्यादा प्रभावित?