पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और देश के कुछ हिस्सों से रसोई गैस की कमी की खबरों के बीच केंद्र सरकार ने ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए कई एहतियाती कदम उठाए हैं। सरकार का कहना है कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है और सप्लाई व्यवस्था सामान्य रूप से चल रही है।

राज्यों को अतिरिक्त केरोसिन और कोयले की व्यवस्था

केंद्र सरकार ने राज्यों को अतिरिक्त 48 हजार किलोलीटर केरोसिन जारी करने का फैसला किया है। आम तौर पर तेल कंपनियां हर तिमाही राज्यों को करीब एक लाख किलोलीटर केरोसिन देती हैं, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए यह अतिरिक्त आवंटन किया गया है।

इसके साथ ही कोयला मंत्रालय ने सरकारी कंपनियों Coal India और Singareni Collieries Company को निर्देश दिया है कि वे राज्यों को जरूरत के अनुसार अतिरिक्त कोयला उपलब्ध कराएं। इसका इस्तेमाल होटल, रेस्टोरेंट और अन्य गैर-घरेलू उपभोक्ताओं द्वारा ईंधन के रूप में किया जा सकेगा, ताकि गैस पर दबाव कम हो सके।

गैस सप्लाई को बनाए रखने के लिए विशेष योजना

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने संसद में बताया कि देश में पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, एटीएफ और फ्यूल ऑयल की पर्याप्त उपलब्धता है। सभी रिटेल आउटलेट्स पर इनका भंडार मौजूद है और आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है।

सरकार ने गैस को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए कुछ उद्योगों में गैस की खपत थोड़ी कम की है। साथ ही वैकल्पिक रास्तों से बड़े एलएनजी कार्गो लगातार देश पहुंच रहे हैं, जिससे लंबे समय तक आपूर्ति बनाए रखने की तैयारी की गई है।

सरकार का कहना है कि उसकी पहली प्राथमिकता देश के 33 करोड़ से ज्यादा परिवारों की रसोई तक ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग से डिलीवरी तक का औसत समय अभी भी करीब ढाई दिन बना हुआ है और इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *