बाजार में धमाका : वेस्ट एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के जल्द खत्म होने की उम्मीद ने भारतीय शेयर बाजार में नई ऊर्जा भर दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के 2 से 3 हफ्तों में युद्ध समाप्त होने के बयान के बाद वैश्विक बाजारों में तेजी देखी गई, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। नए वित्त वर्ष की शुरुआत निवेशकों के लिए बेहद सकारात्मक रही और बाजार ने दमदार प्रदर्शन के साथ शुरुआत की। बाजार में जोरदार शुरुआत, निवेशकों की वापसी बुधवार, 1 अप्रैल को बाजार खुलते ही BSE Sensex 1,814.88 अंक यानी 2.52% की बढ़त के साथ 73,762.43 पर पहुंच गया। वहीं Nifty 50 भी 567 अंकों की तेजी के साथ 22,899 के स्तर पर खुला और जल्द ही 22,903 तक पहुंच गया। इस उछाल ने साफ संकेत दिया कि निवेशकों का भरोसा बाजार में तेजी से लौट रहा है। वैश्विक संकेतों की मजबूती और भू-राजनीतिक तनाव में संभावित कमी ने इस तेजी को मजबूती दी। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी जोरदार तेजी सिर्फ बेंचमार्क इंडेक्स ही नहीं, बल्कि ब्रॉडर मार्केट ने भी शानदार प्रदर्शन किया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी, जिससे इन इंडेक्स में ज्यादा उछाल देखने को मिला। यह संकेत देता है कि बाजार में व्यापक स्तर पर खरीदारी हो रही है और निवेशक जोखिम लेने के मूड में हैं। एशियाई बाजारों में भी तेजी, लेकिन तेल बना चिंता का कारण एशियाई बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला है। निवेशकों को उम्मीद है कि अगर अमेरिका-ईरान तनाव कम होता है, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था को राहत मिलेगी। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतें अभी भी चिंता का विषय बनी हुई हैं। Brent Crude 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जबकि WTI Crude Oil 103 डॉलर के आसपास बना हुआ है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में संभावित व्यवधान की आशंका के चलते तेल आपूर्ति पर खतरा बना हुआ है, जिसका असर वैश्विक महंगाई और ईंधन कीमतों पर भी साफ दिख रहा है। कुल मिलाकर, बाजार में आई यह तेजी निवेशकों के लिए राहत भरी खबर है, लेकिन कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक हालात पर नजर बनाए रखना अभी भी जरूरी है। Post navigation रिपोर्ट्स के मुताबिक मसूद अजहर के भाई की पाकिस्तान में अनसुलझी परिस्थितियों में मौत ‘देश में होगी भयंकर क्रांति!’ अवध ओझा का बड़ा और चौंकाने वाला बयान