असम में एक बार फिर बाढ़ ने गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। लगातार हो रही भारी बारिश और ब्रह्मपुत्र समेत कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण राज्य के कई जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। हजारों परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में जाना पड़ा है। बाढ़ का असर आम जनजीवन, खेती और सड़क संपर्क पर भी साफ दिखाई दे रहा है।

सबसे ज्यादा प्रभावित जिले

राज्य सरकार के अनुसार, बाढ़ से अब तक 89 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1.22 लाख से अधिक लोग अभी भी प्रभावित हैं। शिवसागर, चराइदेव और आसपास के जिले सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई गांवों का संपर्क मुख्य सड़कों से टूट गया है, जिससे राहत सामग्री पहुंचाने में भी मुश्किलें आ रही हैं।

राहत और बचाव अभियान जारी

प्रशासन, राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। नावों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। राहत शिविरों में भोजन, पीने का पानी और जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर अधिकारियों को राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बाढ़ में जान गंवाने वालों के परिजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही प्रभावित परिवारों के नुकसान का आकलन करने के लिए विशेष सर्वे शुरू करने की भी बात कही गई है।

मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त राहत टीमें भी तैनात की जाएंगी।

असम में हर साल मानसून के दौरान बाढ़ एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आती है। इस बार भी लाखों लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है और आने वाले दिनों का मौसम राज्य के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *