महाराष्ट्र में जारी मूसलाधार बारिश ने राज्य की सबसे आधुनिक और महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजना को बड़ा झटका दिया है। अपने उद्घाटन के महज नौ सप्ताह बाद ही, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर ₹6,695 करोड़ की लागत से बना ‘मिसिंग लिंक’ प्रोजेक्ट सोमवार तड़के आए एक भीषण भूस्खलन के कारण पूरी तरह बंद हो गया। खंडाला के पास टनल-2 को भारी नुकसान यह हादसा सोमवार सुबह करीब 3:30 बजे खंडाला स्ट्रेच के पास हुआ। भारी बारिश के चलते पहाड़ों से लगभग 150 मीटर की ऊंचाई से विशाल चट्टानें और भारी मलबा नीचे आ गिरा। इस मलबे के दबाव ने प्रशासन द्वारा लगाई गई अत्याधुनिक स्टील नेटिंग (सुरक्षा जाली) को पूरी तरह तोड़ दिया और टनल-2 की रिटेनिंग वॉल को भारी नुकसान पहुँचाया। राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन पुणे-से-मुंबई जाने वाला रास्ता मलबे में दब गया, जिससे हजारों यात्री घंटों फंसे रहे। निर्माण कार्य पर उठे राजनीतिक सवाल इस हादसे ने राज्य में एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। विपक्ष ने सरकार पर जल्दबाजी में प्रोजेक्ट का उद्घाटन करने, खराब निर्माण गुणवत्ता और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर, महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) ने इस सुरक्षा चूक का बचाव करते हुए इसे एक प्राकृतिक आपदा बताया है। प्रशासन का कहना है कि चट्टानें इतनी ऊंचाई से गिरीं कि उन्होंने 15 मीटर ऊंचे सुरक्षा घेरे को भी पार कर लिया। रेल सेवाएं भी ठप; मौसम विभाग का रेड अलर्ट एक्सप्रेसवे के साथ-साथ पूरे महाराष्ट्र में मानसून का तांडव देखने को मिल रहा है, जहां भोर घाट (कर्जत-लोनावला) खंड में हुए भूस्खलन के कारण सेंट्रल रेलवे ने मुंबई-पुणे रूट को पूरी तरह सस्पेंड कर दिया है और डेक्कन क्वीन व इंटरसिटी एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। इसके साथ ही, मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे और रायगढ़ के लिए भारी बारिश और 90 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का ‘रेड अलर्ट’ भी जारी किया है। इसी बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक वे इस रूट पर अनावश्यक यात्रा करने से पूरी तरह बचें। Post navigation यूरोप में भयंकर गर्मी: पिघलने लगीं सड़कें, गाड़ियों और स्ट्रेट लाइट