पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव आयोग ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। राज्य के सभी 294 रिटर्निंग अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें चुनाव प्रक्रिया के हर चरण को सही ढंग से लागू करने पर जोर रहा। अधिकारियों को निर्देश मिला कि मतदान के बाद प्रत्येक पोलिंग एजेंट को Form 17C की हस्ताक्षरित प्रति दी जाए। यह प्रशिक्षण जलपाईगुड़ी, मालदा, प्रेसिडेंसी, बर्धवान और मिदनापुर में आयोजित हुआ। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने शांतिपूर्ण और दबावमुक्त मतदान पर बल दिया। ECINET प्लेटफॉर्म से हर दो घंटे में डेटा अपडेट कर पारदर्शिता बढ़ाने की पहल की गई। चुनाव ड्यूटी में लापरवाही पर डीएम का तबादला, जांच के निर्देश पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्वी मिदनापुर के जिला मजिस्ट्रेट और जिला चुनाव अधिकारी को हटा दिया। शिकायत थी कि चुनाव ड्यूटी सूची में नियमों के खिलाफ कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों को शामिल किया गया। आयोग ने आईएएस अधिकारी यूनिस रिशिन इस्माइल का तबादला कर निरंजन कुमार को जिम्मेदारी सौंपी। मामले की जांच के आदेश देते हुए तीन दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। केरल चुनाव में प्रचार करेंगे त्रिपुरा के मुख्यमंत्री त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा केरल विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी के लिए प्रचार करेंगे। वह 27 मार्च को केरल पहुंचेंगे और दो बड़ी रैलियों को संबोधित करेंगे। पहली रैली कन्नूर में होगी, जहां वह भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में लोगों से वोट की अपील करेंगे। इसके बाद वह धर्मडोम में दूसरी रैली करेंगे, जहां मुकाबला मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से है। उनकी रैलियों से पार्टी को उम्मीद है कि कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ेगा। केरल में भाजपा अभी ज्यादा मजबूत नहीं है, लेकिन ऐसे प्रचार के जरिए पार्टी अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। Post navigation पूर्व IG का दावा : पाकिस्तान से आते थे नकली नोट, अतीक अहमद का बड़ा नेटवर्क बेनकाब 1 अप्रैल से UPI और ऑनलाइन पेमेंट में बड़ा बदलाव, जानिए RBI का नया अपडेट