भारत के सबसे मशहूर व्लॉगर्स में से एक, सौरव जोशी हाल ही में एक काफी बड़े विवाद का शिकार हो गए हैं। यह पूरा मामला उनकी लग्जरी कार मर्सिडीज बेंज और देश में तेजी से अपनाए जा रहे E20 (इथेनॉल-ब्लेंडेड) पेट्रोल से जुड़ा है। उनके एक छोटे से व्लॉग क्लिप ने इंटरनेट पर एक ऐसी बहस छेड़ दी, जिसमें एक टॉप कार ब्रांड और सरकार की महत्वपूर्ण पर्यावरण नीति दोनों शामिल हो गए। क्या था सौरव जोशी का दावा? विवाद की शुरुआत सौरव के एक हालिया व्लॉग से हुई। इस वीडियो में उन्होंने अपनी मर्सिडीज का डैशबोर्ड दिखाते हुए दावा किया कि E20 पेट्रोल भरवाने के बाद उनकी गाड़ी का माइलेज अचानक से बहुत नीचे गिर गया है। उन्होंने अपने लाखों दर्शकों को बताया कि जो गाड़ी पहले 17 किलोमीटर प्रति लीटर का शानदार एवरेज देती थी, वह अब सिर्फ 5 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज दे रही है। इसके साथ ही उन्होंने यह डर भी जताया कि इस नए पेट्रोल से उनकी महंगी गाड़ी का इंजन पूरी तरह से खराब हो सकता है। मर्सिडीज और पब्लिक का रिएक्शन जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ, सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया। E20 ईंधन को भारत सरकार और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ग्रीन एनर्जी पहल के तहत काफी आक्रामक तरीके से बढ़ावा दे रहे हैं। ऐसे में एक बड़े क्रिएटर द्वारा ऐसी बात कहना सीधे तौर पर नीति पर सवाल उठाने जैसा था। मामला बढ़ता देख मर्सिडीज-बेंज इंडिया को तुरंत डैमेज कंट्रोल के लिए सामने आना पड़ा। कंपनी ने एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी करते हुए स्पष्ट किया कि उनकी सभी BS VI पेट्रोल गाड़ियां E20 ईंधन के साथ पूरी तरह से सुरक्षित और प्रमाणित हैं। ऑटो-एक्सपर्ट्स ने भी सौरव के दावे को झूठा बताना शुरू कर दिया। व्लॉग एडिटिंग और सौरव का यू-टर्न जब विवाद ने बड़ा रूप ले लिया, तो सौरव जोशी ने अपने चैनल पर जाकर उस व्लॉग को दोबारा एडिट किया और E20 पेट्रोल वाले हिस्से को चुपचाप हटा दिया। बाद में, उन्होंने सार्वजनिक रूप से आकर इस मामले पर सफाई दी और माफी मांगी। उन्होंने बताया कि सर्विस सेंटर में जांच के बाद पता चला कि गाड़ी के इंजन में एक तकनीकी खराबी थी, जिसकी वजह से माइलेज गिरा था। इस समस्या का E20 पेट्रोल से कोई लेना-देना नहीं था। Post navigation ”ये CJI को दे देना”: सुनवाई के दौरान SC में जजों से भिड़ा लॉ स्टूडेंट सालों का इंतजार खत्म, IB ऑफिसर अंकित शर्मा को न्याय! ताहिर हुसैन समेत 5 दोषी