महाराष्ट्र के कल्याण-डोंबिवली स्थित शास्त्री नगर जनरल अस्पताल में एक ऑन-ड्यूटी महिला डॉक्टर और नर्सों के साथ बदसलूकी और मारपीट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना में शिवसेना (शिंदे गुट) के कॉर्पोरेटर रमेश सुकर्या म्हात्रे और उनके समर्थकों को मुख्य आरोपी बनाया गया है। घटना का CCTV फुटेज वायरल होने और मेडिकल कम्युनिटी के भारी विरोध के बाद पुलिस ने बुधवार, 8 जुलाई को कॉर्पोरेटर म्हात्रे समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। NICU बेड की कमी और रेफरल की सलाह से शुरू हुआ विवाद जानकारी के अनुसार, यह घटना 6 जुलाई की रात की है। एक गर्भवती महिला को गंभीर हालत में शास्त्री नगर जनरल अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया था। मेडिकल जांच में पता चला कि बच्चे के गले में गर्भनाल (umbilical cord) लिपटी हुई है, जिसके कारण डिलीवरी के तुरंत बाद उसे NICU (Neonatal Intensive Care Unit) सपोर्ट की ज़रूरत पड़ेगी। अस्पताल के सभी NICU बेड्स उस वक्त फुल थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ऑन-ड्यूटी डॉक्टर्स डॉ. सृष्टि बाविस्कर और डॉ. वैभव सालुंखे ने महिला को सुरक्षित डिलीवरी के लिए सायन अस्पताल (Sion Hospital) शिफ्ट करने की सलाह दी। लेकिन परिवार भारी बारिश का हवाला देते हुए वहीं डिलीवरी कराने पर अड़ गया और इसी बहस के बीच उन्होंने शिवसेना कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे को अस्पताल बुला लिया। CCTV में कैद हुई धक्का-मुक्की आरोप है कि रमेश म्हात्रे अपने 5-6 समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंचे और उन्होंने ऑन-ड्यूटी महिला डॉक्टर के साथ अभद्रता की। घटना के वायरल CCTV फुटेज में देखा जा सकता है कि म्हात्रे ने पीछे से डॉक्टर पर हाथ उठाया और उनका फोन झटक दिया। जब बीच-बचाव करने के लिए अस्पताल की दो नर्सेस नमिता उबाले और द्रव्या गिरी आगे आईं, तो उनके साथ भी धक्का-मुक्की की गई। ’कैमरे का एंगल’ बताकर दी सफाई CCTV फुटेज सामने आने के बाद जब विवाद बढ़ा, तो रमेश म्हात्रे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सफाई पेश की। उनका दावा था कि उन्होंने किसी पर हाथ नहीं उठाया। म्हात्रे ने कहा, “डॉक्टर मेरी शिकायत सुनने के बजाय फोन पर बात कर रही थीं, इसलिए मैंने सिर्फ उनका हाथ ‘टैप’ किया था। वीडियो में कैमरे के एंगल की वजह से ऐसा लग रहा है कि मैंने हाथ उठाया है।” मेडिकल स्टाफ की हड़ताल और पुलिस का एक्शन कॉर्पोरेटर की इस सफाई को मेडिकल कम्युनिटी ने सिरे से खारिज कर दिया। IMA (Indian Medical Association) और MARD के आह्वान पर कल्याण-डोंबिवली के अस्पतालों में डॉक्टरों और नर्सों ने रूटीन सेवाओं का बहिष्कार कर हड़ताल शुरू कर दी। इस घटना ने राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया। आदित्य ठाकरे और रोहित पवार जैसे विपक्षी नेताओं ने अस्पताल पहुंचकर कड़े एक्शन की मांग की। वहीं, शिवसेना सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने भी इस घटना की निंदा की। चारों तरफ से बढ़ते दबाव और मेडिकल स्टाफ की हड़ताल के बाद, आख़िरकार 8 जुलाई को रमेश म्हात्रे ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। विष्णुनगर पुलिस ने म्हात्रे और उनके तीन अन्य समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132 (सरकारी काम में बाधा डालना), 121(1) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। Post navigation CJP प्रदर्शन: ‘बस नाम रहेगा अल्लाह का’ नारे से फिर गरमाया माहौल ”ये CJI को दे देना”: सुनवाई के दौरान SC में जजों से भिड़ा लॉ स्टूडेंट