देशभर में NEET परीक्षा को लेकर जारी विवाद के बीच तमिल अभिनेता और नेता Vijay ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने NEET परीक्षा को पूरी तरह समाप्त करने की मांग करते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश Class 12 के अंकों के आधार पर दिया जाना चाहिए। उनके इस बयान ने शिक्षा और राजनीति दोनों क्षेत्रों में नई बहस छेड़ दी है। खासकर तमिलनाडु में NEET को लेकर लंबे समय से विरोध देखने को मिलता रहा है, ऐसे में विजय का बयान राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। क्या बोले विजय? एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान Vijay ने कहा कि: NEET ग्रामीण और गरीब छात्रों के लिए नुकसानदायक है कोचिंग आधारित सिस्टम शिक्षा में असमानता बढ़ाता है छात्रों को उनके स्कूल प्रदर्शन के आधार पर मौका मिलना चाहिए उन्होंने कहा कि मेडिकल एडमिशन के लिए 12वीं के अंकों को आधार बनाना ज्यादा न्यायसंगत होगा। NEET को लेकर क्यों है विवाद? NEET (National Eligibility cum Entrance Test) देशभर में मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाने वाली राष्ट्रीय परीक्षा है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इस परीक्षा को लेकर कई विवाद सामने आए हैं: 1. Paper Leak और परीक्षा अनियमितता NEET परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल उठते रहे हैं। 2. Coaching Culture आलोचकों का कहना है कि महंगी coaching classes के बिना परीक्षा में सफलता मुश्किल होती जा रही है। 3. Regional Language और Rural Students कई राज्यों का आरोप है कि ग्रामीण और regional board के छात्रों को नुकसान होता है। तमिलनाडु में NEET विरोध क्यों मजबूत? तमिलनाडु लंबे समय से NEET का विरोध करता रहा है। राज्य के कई राजनीतिक दलों का कहना है कि: राज्य की पुरानी admission system ज्यादा inclusive थी ग्रामीण छात्रों का मेडिकल सीटों में representation घटा है coaching dependency बढ़ गई है यही वजह है कि NEET वहां लगातार राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है। विजय के बयान का राजनीतिक महत्व विश्लेषकों का मानना है कि: विजय युवाओं और छात्रों के मुद्दों को aggressively उठा रहे हैं यह बयान तमिलनाडु की राजनीति में उनकी पकड़ मजबूत कर सकता है शिक्षा और youth politics आने वाले चुनावों में बड़ा मुद्दा बन सकती है क्या Class 12 Marks आधारित Admission संभव है? शिक्षा विशेषज्ञों की राय बंटी हुई है: समर्थन में तर्क स्कूल education को महत्व मिलेगा coaching pressure कम होगा rural students को फायदा हो सकता है विरोध में तर्क अलग-अलग boards की marking system अलग होती है national-level standardization मुश्किल हो सकता है सोशल मीडिया पर तेज हुई बहस विजय के बयान के बाद सोशल मीडिया पर: कुछ लोगों ने NEET खत्म करने की मांग का समर्थन किया कई users ने merit-based national exam की जरूरत बताई छात्रों और parents के बीच mixed reactions देखने को मिले Post navigation “नेपाल-बांग्लादेश की तरह भारत में भी उठे आवाज” : NEET विवाद पर अरविंद केजरीवाल का बड़ा बयान Re-NEET 2026 पर छात्रों का फूटा गुस्सा! “ट्रेन टिकट का खर्च कौन देगा?”