Re-NEET 2026 : देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को लेकर एक बार फिर छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ गई है। पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों के बाद National Testing Agency ने दोबारा परीक्षा की तारीख घोषित कर दी है। सरकार की मंजूरी के बाद अब NEET UG 2026 की री-एग्जाम परीक्षा 21 जून 2026, रविवार को आयोजित की जाएगी। परीक्षा की नई तारीख सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर छात्रों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। 21 जून को होगा री-नीट एग्जाम एनटीए की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, पहले आवेदन कर चुके छात्रों को दोबारा फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी। पुराने रजिस्ट्रेशन और परीक्षा केंद्र की जानकारी का ही इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही छात्रों से किसी प्रकार की अतिरिक्त फीस भी नहीं ली जाएगी। परीक्षा की तारीख करीब एक महीने पहले घोषित होने से कई छात्रों को तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है, लेकिन कुछ अभ्यर्थी इसे जल्दबाजी में लिया गया फैसला भी बता रहे हैं। परीक्षा केंद्र को लेकर सबसे ज्यादा चिंता री-नीट की घोषणा के बाद सबसे बड़ा सवाल परीक्षा केंद्र को लेकर उठ रहा है। कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर कहा कि अगर परीक्षा केंद्र दूसरे शहर में मिला तो उन्हें यात्रा और रहने का भारी खर्च उठाना पड़ेगा। छात्रों का कहना है कि पहले ही परीक्षा रद्द होने से मानसिक दबाव बढ़ चुका है, ऐसे में अतिरिक्त आर्थिक बोझ उन्हें और परेशान कर रहा है। कई अभ्यर्थियों ने सवाल उठाया कि “अगर हमें दूसरे शहर में परीक्षा देने जाना पड़ा तो ट्रेन टिकट और होटल का खर्च कौन देगा?” छात्रों ने एनटीए से जल्द स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। नजदीकी शहर में सेंटर देने की मांग अभिभावकों और छात्रों ने मांग की है कि परीक्षा केंद्र उम्मीदवारों के नजदीकी क्षेत्र में ही आवंटित किए जाएं। उनका कहना है कि इससे यात्रा की परेशानी कम होगी और छात्र बिना तनाव के परीक्षा दे सकेंगे। कई परिवारों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और आर्थिक स्थिति को देखते हुए स्थानीय सेंटर देना जरूरी है। सोशल मीडिया पर कई पोस्ट में यह भी मांग की जा रही है कि छात्रों को अपनी पसंद का परीक्षा शहर चुनने का विकल्प दिया जाए। खासकर वे विद्यार्थी जो पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में रह रहे हैं, उन्हें इससे काफी राहत मिल सकती है। जुलाई में परीक्षा कराने की भी उठी मांग कुछ छात्रों का मानना है कि 21 जून की तारीख बहुत जल्दी तय कर दी गई है। उनका कहना है कि परीक्षा जुलाई में आयोजित की जानी चाहिए थी ताकि छात्रों को मानसिक रूप से दोबारा तैयार होने का पर्याप्त समय मिल सके। कई अभ्यर्थियों का कहना है कि पेपर लीक विवाद के बाद पढ़ाई की लय टूट गई थी और अब अचानक परीक्षा की तारीख घोषित होने से दबाव बढ़ गया है। पेपर लीक के बाद नाराज हैं छात्र पेपर लीक के आरोपों के बाद लाखों छात्र पहले ही निराश और नाराज हैं। कई अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी मेहनत पर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्रों का मानना है कि ईमानदारी से तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को सिस्टम की गलतियों का नुकसान नहीं उठाना चाहिए। “बच्चों की मेहनत से समझौता नहीं होगा” एनटीए महानिदेशक ने कहा है कि छात्रों की मेहनत से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था की जाएगी। साथ ही छात्रों को सलाह दी गई है कि वे लगातार एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट और नोटिफिकेशन पर नजर बनाए रखें, ताकि परीक्षा से जुड़ी हर नई जानकारी समय पर मिल सके। री-NEET 2026 को लेकर फिलहाल छात्रों के बीच चिंता और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अब सभी की नजर एनटीए के अगले अपडेट और परीक्षा केंद्रों से जुड़ी नई जानकारी पर टिकी है। Post navigation NEET विवाद के बीच Vijay की बड़ी मांग, बोले- “NEET खत्म करो, 12वीं के अंकों से मिले मेडिकल एडमिशन”