जयराम रमेश का हमला, चुनाव आयोग से लेकर राम मंदिर चंदा विवाद तक उठाए कई सवालजयराम रमेश का हमला, चुनाव आयोग से लेकर राम मंदिर चंदा विवाद तक उठाए कई सवाल

कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक यात्रा और उनकी भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की। राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े विवाद को लेकर जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण के लिए गठित ट्रस्ट सरकार की निगरानी में बना था और इसकी पूरी जानकारी आरएसएस को भी थी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की मौजूदगी और जानकारी के बावजूद यह कथित घोटाला हुआ। रमेश ने पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट के किसी न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई जांच कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री जहां विभिन्न मुद्दों पर ‘मन की बात’ करते हैं, वहीं इस मामले पर उनकी चुप्पी क्यों बनी हुई है।

नायडू और नीतीश के सहारे चल रही सरकार: जयराम रमेश

प्रधानमंत्री Narendra Modi पर निशाना साधते हुए Jairam Ramesh ने कहा कि भाजपा 400 सीटों का आंकड़ा पार करना तो दूर, अपने दम पर पूर्ण बहुमत तक हासिल नहीं कर पाई। उनके अनुसार, 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को केवल 240 सीटें मिलीं और मौजूदा सरकार सहयोगी दलों के समर्थन के बल पर चल रही है। इसी वजह से उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को माइनॉरिटी पीएम बताया।

जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री अक्सर अपनी तुलना Jawaharlal Nehru से करते हैं, जबकि नेहरू हर चुनाव में स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता में आए थे। इसके विपरीत, मौजूदा सरकार N. Chandrababu Naidu और Nitish Kumar जैसे सहयोगी नेताओं के समर्थन पर निर्भर है।

उन्होंने आरोप लगाया कि 17 अप्रैल को सरकार संसद में दो-तिहाई बहुमत जुटाने में सफल नहीं हो सकी। रमेश के मुताबिक, अब इस कमी को पूरा करने के लिए विपक्षी दलों में टूट-फूट कराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने All India Trinamool Congress और Shiv Sena में हुई टूट का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इसके बावजूद भाजपा अभी भी लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े से काफी दूर है।

चुनाव आयोग एनडीए का नया घटक दल

चुनावी प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस की ओर से तीखा हमला बोलते हुए जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा की रणनीति में बड़ा बदलाव आया है। उनका दावा था कि निष्पक्ष चुनाव होने की स्थिति में संभावित राजनीतिक नुकसान को देखते हुए चुनाव आयोग भी सत्ता पक्ष के पक्ष में खड़ा नजर आ रहा है।

उन्होंने उदाहरण के तौर पर मध्य प्रदेश में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन से जुड़े मामले का उल्लेख किया। जयराम रमेश के मुताबिक, रिटर्निंग अधिकारी ने राज्य सरकार के दबाव में फैसला लिया, जबकि चुनाव आयोग ने अंतिम समय तक कोई हस्तक्षेप नहीं किया और भाजपा प्रत्याशी के निर्वाचित घोषित होने तक इंतजार करता रहा।

उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर वह स्वयं मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar से मिले थे और मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। रमेश ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से करीब 27 लाख नाम हटाए जाने का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली और बिहार में विपक्ष चुनाव नहीं हारा, बल्कि उसे हराया गया।

ममता से दूरी, अखिलेश के साथ जारी रहेगा गठबंधन

Mamata Banerjee और Sonia Gandhi की मुलाकात को लेकर उठ रही विलय की अटकलों को जयराम रमेश ने पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यह एक निजी मुलाकात थी और दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से पारिवारिक संबंध रहे हैं। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उन्होंने कहा कि Samajwadi Party और Indian National Congress के बीच गठबंधन मजबूत और प्रभावी बना हुआ है।

उनके मुताबिक, 2024 के लोकसभा चुनाव में संविधान की रक्षा का मुद्दा और दोनों दलों की साझा रणनीति भाजपा को राजनीतिक तौर पर भारी पड़ी थी। जयराम रमेश ने विश्वास जताया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भी यह गठबंधन बरकरार रहेगा, हालांकि सीटों के बंटवारे को लेकर अंतिम निर्णय उचित समय पर लिया जाएगा।

जयराम बोले- देश के सामने राहुल गांधी की असली छवि आई

राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर जयराम रमेश ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई। उनके अनुसार, इस यात्रा के जरिए देश ने किसी नए नहीं, बल्कि राहुल गांधी के वास्तविक व्यक्तित्व को करीब से देखा, जो मीडिया और सोशल मीडिया में बनाई गई छवि से काफी अलग था।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की राजनीति केवल सत्ता हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी लड़ाई संविधान, सामाजिक न्याय और वैचारिक मूल्यों की रक्षा के लिए है। प्रधानमंत्री पद को लेकर जयराम रमेश ने कहा कि यदि कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिलता है, तो राहुल गांधी का प्रधानमंत्री पद के लिए चुना जाना स्वाभाविक होगा।

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