नरेंद्र मोदी ने नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन से पहले इसे एनसीआर की कनेक्टिविटी और व्यापार के लिए बड़ा कदम बताया। उन्होंने फेसबुक और एक्स पर कहा कि जेवर में बन रहा यह एयरपोर्ट लोगों को बेहतर यातायात सुविधा देगा और दिल्ली-एनसीआर में यात्रा आसान बनाएगा। इससे आईजीआई एयरपोर्ट पर भीड़ कम होगी। उन्होंने इसे देश के प्रमुख ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स में गिना और कहा कि कार्गो सुविधा से आयात-निर्यात व उद्योगों को मजबूती मिलेगी। उनके पोस्ट पर लोगों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और सरकार की पहल की सराहना की। पीएम मोदी ने 25 नवंबर 2021 को रखी थी आधारशिला करीब साढ़े चार साल पहले 25 नवंबर 2021 को नरेंद्र मोदी ने जेवर में जिस एयरपोर्ट का शिलान्यास किया था, उसका उद्घाटन अब शनिवार को होगा। पहले चरण का निर्माण लगभग 11,200 करोड़ रुपये में पूरा किया गया है नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा की परिकल्पना 2001 में राजनाथ सिंह के कार्यकाल में की गई थी। लंबे इंतजार और प्रक्रियाओं के बाद 2019 से परियोजना ने गति पकड़ी। स्विट्जरलैंड की कंपनी को निर्माण जिम्मेदारी दी गई और धीरे-धीरे सभी जरूरी समझौते व मंजूरियां पूरी हुईं, जिसके बाद अब एयरपोर्ट संचालन के लिए तैयार है। नोएडा एयरपोर्ट को डीएक्सएन कोड आवंटित, डिजियात्रा लागू करने की तैयारी 27 सितंबर 2023 को नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को आधिकारिक तौर पर आईएटीए कोड डीएक्सएन आवंटित किया गया। इसके बाद 26 अक्तूबर को ताज सैट्स ग्रुप के साथ इन-फ्लाइट किचन विकसित करने के लिए समझौता किया गया। 16 मई 2023 को एमाडेस कंपनी के साथ विश्वस्तरीय यात्री डिजिटल प्रणाली (पीपीएस) उपलब्ध कराने हेतु समझौता किया गया। इस करार के तहत कॉमन यूज चेक-इन, बोर्डिंग, बैगेज रिकंसिलिएशन और डिजियात्रा आधारित बायोमेट्रिक सुविधाएं विकसित करने पर सहमति बनी। Post navigation Lockdown Fact Check: क्या सच में लगने वाला है लॉकडाउन, पीएम मोदी ने आखिर क्या कहा था? जानें असली बात अब लिव-इन भी ‘शादी’ जैसा? जनगणना में नया प्रावधान