पीएम मोदी की विदेश यात्राओं पर वर्ष 2014 से अब तक केंद्र सरकार द्वारा लगभग ₹762 करोड़ से ₹815 करोड़ तक खर्च किए जाने की जानकारी सामने आई है। संसद में विदेश मंत्रालय द्वारा साझा किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार प्रधानमंत्री ने इस दौरान करीब 99 विदेश यात्राएँ कीं और 78 देशों का दौरा किया। इन दौरों में अमेरिका, जापान, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात और कई अन्य रणनीतिक देशों की यात्राएँ शामिल रहीं। सरकारी जानकारी के मुताबिक इन विदेश दौरों के दौरान विशेष विमान संचालन, सुरक्षा व्यवस्था, आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल, मीडिया टीम, संचार सुविधाएँ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर खर्च किया जाता है। हालांकि केंद्र सरकार का कहना है कि कई अवसरों पर मेजबान देश आवास और स्थानीय आतिथ्य का खर्च स्वयं वहन करते हैं, जिससे भारत पर आने वाला कुल खर्च कुछ हद तक कम हो जाता है। संसद में पहले साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2014 से 2018 के बीच प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं के लिए विमान रखरखाव, चार्टर्ड उड़ानों और विशेष हॉटलाइन सुविधाओं पर लगभग ₹1,484 करोड़ खर्च किए गए थे। इस खर्च में सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्थाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलू भी शामिल थे। प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्राओं को लेकर राजनीतिक स्तर पर लगातार बहस होती रही है। सरकार और भाजपा समर्थकों का कहना है कि इन यात्राओं से भारत की वैश्विक छवि मजबूत हुई, विदेशी निवेश को बढ़ावा मिला और कई देशों के साथ रणनीतिक एवं आर्थिक संबंध बेहतर हुए। वहीं विपक्षी दल समय-समय पर इन दौरों की संख्या और उन पर होने वाले खर्च को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी प्रधानमंत्री की विदेश यात्राएँ केवल कूटनीतिक कार्यक्रम नहीं होतीं, बल्कि व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने का माध्यम भी होती हैं। हालांकि इन दौरों पर होने वाले बड़े सरकारी खर्च को लेकर सार्वजनिक और राजनीतिक चर्चा लगातार बनी रहती है। Post navigation भारत दौरे में Iran का बड़ा रणनीतिक संदेश, #Minab168 फिर बना वैश्विक चर्चा का केंद्र वीडी सतीशन होंगे केरल के अगले मुख्यमंत्री, कांग्रेस ने नाम पर लगाई मुहर