कांग्रेस ने आखिरकार केरल के नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर दिया है। पार्टी नेतृत्व ने V. D. Satheesan को राज्य का अगला मुख्यमंत्री चुना है। नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस आलाकमान ने उनके नाम पर अंतिम मुहर लगाई। पिछले कई दिनों से मुख्यमंत्री पद की रेस में K. C. Venugopal का नाम भी प्रमुख दावेदारों में शामिल था, लेकिन अंततः पार्टी ने वीडी सतीशन पर भरोसा जताया। पार्टी सूत्रों के अनुसार केरल में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की बड़ी जीत का श्रेय सतीशन के नेतृत्व और उनकी आक्रामक रणनीति को दिया जा रहा है। पिछले पांच वर्षों में नेता प्रतिपक्ष के तौर पर उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाई और अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाई। कांग्रेस की सहयोगी पार्टी IUML ने भी खुलकर सतीशन के समर्थन में पैरवी की थी। छह बार विधायक रहे हैं वीडी सतीशन 62 वर्षीय वीडी सतीशन छह बार विधायक चुने जा चुके हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत NSUI से की थी और पेशे से वकील हैं। वे केरल हाई कोर्ट में प्रैक्टिस भी कर चुके हैं। साल 2001 में पहली बार परवूर सीट से विधानसभा पहुंचे और इसके बाद लगातार 2006, 2011, 2016, 2021 और 2026 में जीत दर्ज की। 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने CPI उम्मीदवार ई.टी. टैसन मास्टर को करीब 20,600 वोटों के अंतर से हराया। हालांकि सतीशन कभी राज्य सरकार में मंत्री नहीं रहे, जिसके कारण उनके प्रशासनिक अनुभव को लेकर सवाल भी उठते रहे हैं। सीएम पद को लेकर बना था दबाव सूत्रों के मुताबिक वीडी सतीशन मुख्यमंत्री पद को लेकर पूरी तरह अड़े हुए थे। उन्होंने साफ संकेत दिए थे कि यदि उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया तो वे किसी अन्य नेता की सरकार में शामिल नहीं होंगे। उनके समर्थकों ने राज्य के कई हिस्सों में प्रदर्शन भी किए। दूसरी ओर IUML का समर्थन भी उनके पक्ष में अहम माना गया। कांग्रेस नेतृत्व को यह चिंता थी कि यदि सतीशन को मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया तो राज्य में पार्टी के सामाजिक और राजनीतिक समीकरण प्रभावित हो सकते हैं। खासकर वायनाड क्षेत्र में मुस्लिम लीग का प्रभाव कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। क्यों पीछे रह गए केसी वेणुगोपाल? शुरुआती दौर में केसी वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री पद की रेस में काफी मजबूत उम्मीदवार माना जा रहा था। राहुल गांधी के करीबी नेताओं में गिने जाने वाले वेणुगोपाल का नाम लगातार चर्चा में था। लेकिन कांग्रेस ने ग्राउंड रिपोर्ट, विधायकों की राय और सहयोगी दलों के फीडबैक के बाद वीडी सतीशन के नाम को अंतिम रूप दिया। वीडी सतीशन की प्रमुख ताकत परवूर सीट से लगातार छह बार जीत तेज, आक्रामक और प्रभावी नेता की छवि UDF को दोबारा मजबूत करने का श्रेय सामाजिक और राजनीतिक गठबंधन बनाने में सक्रिय भूमिका पेशे से वकील और साफ-सुथरी संगठनात्मक छवि IUML का खुला समर्थन कांग्रेस के इस फैसले को केरल की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। अब सभी की नजरें नई सरकार के गठन और मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले चेहरों पर टिकी हैं। Post navigation 2014 से अब तक पीएम मोदी की विदेश यात्राओं पर कितना खर्च हुआ? जानिए पूरा आंकड़ा ब्राह्मण विवाद में घिरी सपा, एक साथ कई बड़े चेहरों ने छोड़ा साथ