देशभर में आज 1 अप्रैल से जनगणना के पहले चरण की शुरुआत हो गई है। इस बार की जनगणना कई मायनों में खास है, क्योंकि पहली बार इसे डिजिटल तरीके से आयोजित किया जा रहा है। नागरिक अब वेब पोर्टल के जरिए घर बैठे खुद अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। यह चरण ‘मकान सूचीकरण और आवास गणना’ (HLO) के तहत होगा, जिसमें 33 सवालों के जरिए घर और परिवार से जुड़ी अहम जानकारियां जुटाई जाएंगी। यह प्रक्रिया 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 के बीच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के तय कार्यक्रम के अनुसार पूरी की जाएगी। गौरतलब है कि यह जनगणना पहले 2021 में होनी थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे टाल दिया गया था। डिजिटल जनगणना: क्या है नया और खास इस बार की जनगणना पूरी तरह से तकनीक आधारित है। सरकार ने सेल्फ-एन्युमरेशन (Self Enumeration) का विकल्प दिया है, जिसके तहत नागरिक खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं।जनगणनाकर्मी घर-घर जाकर जानकारी इकट्ठा करेंगे, लेकिन उससे पहले लोग खुद भी अपनी डिटेल्स भर सकते हैं, जिससे समय की बचत होगी और प्रक्रिया तेज होगी। किन-किन जानकारियों का होगा सर्वे पहले चरण में मकान और परिवार से जुड़ी बुनियादी जानकारी जुटाई जाएगी। इसमें मकान की संरचना (दीवार, छत, फर्श की सामग्री), उपयोग, कमरों की संख्या और मालिकाना हक जैसी जानकारी शामिल है।इसके अलावा परिवार के सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम, लिंग, सामाजिक श्रेणी (SC/ST आदि) और विवाहित जोड़ों की संख्या भी दर्ज की जाएगी। सुविधाओं से जुड़ी जानकारी में पीने का पानी, बिजली, शौचालय, रसोई, गैस कनेक्शन (LPG/PNG) और अपशिष्ट निकासी जैसी चीजें शामिल हैं। साथ ही टीवी, मोबाइल, इंटरनेट, वाहन जैसी संपत्तियों का डेटा भी एकत्र किया जाएगा। घर बैठे ऐसे करें सेल्फ-एन्युमरेशन सेल्फ-एन्युमरेशन के लिए नागरिकों को एक निर्धारित समय (लगभग 15 दिन) दिया जाएगा, जो घर-घर सर्वे शुरू होने से पहले होगा।प्रक्रिया बेहद आसान है: आधिकारिक पोर्टल पर जाएं मोबाइल नंबर से लॉग-इन करें मैप पर अपने घर का लोकेशन चिन्हित करें परिवार और मकान से जुड़ी जानकारी भरें जानकारी सबमिट करने के बाद 16 अंकों की SE ID प्राप्त करें इस आईडी को बाद में सत्यापन के दौरान जनगणनाकर्मी को दिखाना जरूरी होगा। अगर कोई गलती रह जाती है, तो फील्ड विजिट के दौरान उसे सुधारा भी जा सकता है। डेटा रहेगा पूरी तरह सुरक्षित सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान जुटाई गई सभी व्यक्तिगत जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रहेंगी। इनका उपयोग किसी कानूनी प्रक्रिया, अदालत या सरकारी लाभ देने में नहीं किया जाएगा।इससे नागरिक बिना किसी डर के अपनी जानकारी साझा कर सकते हैं। आजादी के बाद आठवीं जनगणना यह जनगणना आजादी के बाद देश की आठवीं जनगणना है। पिछली बार यह प्रक्रिया 2011 में पूरी हुई थी। इस बार पूरी प्रक्रिया केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय की निगरानी में राज्य सरकारों के सहयोग से कराई जा रही है। कुल मिलाकर, इस बार की जनगणना डिजिटल और आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। ऐसे में जरूरी है कि नागरिक समय रहते अपनी जानकारी सही और पूरी तरह भरें, ताकि भविष्य की नीतियों और योजनाओं में उनका सही प्रतिनिधित्व हो सके। Post navigation आज से बदल गए ये बड़े नियम! PAN, FASTag, LPG से रेलवे तक सब पर असर यात्रियों को झटका, एयरलाइंस की जीत: 60% फ्री सीट योजना पर रोक