पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) 2026 में लाहौर कलंदर्स और कराची किंग्स के बीच खेले गए मुकाबले के दौरान एक बड़ा विवाद सामने आया है। इस मैच में बॉल टेंपरिंग (गेंद से छेड़छाड़) के आरोपों ने न सिर्फ खेल का रुख बदल दिया, बल्कि Fakhar Zaman के करियर पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिरी ओवर में शुरू हुआ विवाद मामला मैच के आखिरी ओवर से ठीक पहले का है, जब कराची किंग्स को जीत के लिए 6 गेंदों में 14 रन चाहिए थे। उसी समय लाहौर के कप्तान Shaheen Afridi, Haris Rauf और फखर जमान गेंद को लेकर आपस में चर्चा करते नजर आए।अंपायर को शक हुआ और उन्होंने गेंद की जांच की। जांच के दौरान गेंद की हालत सामान्य नहीं पाई गई, जिससे विवाद खड़ा हो गया। अंपायर का सख्त फैसला, मैच पलटा मैदानी अंपायरों ने गेंद से छेड़छाड़ की पुष्टि करते हुए लाहौर कलंदर्स पर 5 रनों की पेनल्टी लगा दी। साथ ही पुरानी गेंद को बदलकर नई गेंद दे दी गई।इस फैसले का सीधा असर मैच पर पड़ा—कराची का लक्ष्य 14 रन से घटकर सिर्फ 9 रन रह गया।इसके बाद कराची किंग्स के बल्लेबाजों ने मौके का फायदा उठाया और आखिरी ओवर में चौका-छक्का लगाकर 4 विकेट से जीत दर्ज कर ली। फखर जमान पर आरोप, PCB की जांच जारी इस मामले में Pakistan Cricket Board ने फखर जमान पर लेवल-3 का आरोप लगाया है। मैच रेफरी के सामने हुई शुरुआती सुनवाई में फखर ने खुद को बेगुनाह बताया है।अब अगले 48 घंटों में वीडियो फुटेज की जांच के बाद फैसला लिया जाएगा। अगर वह दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें मैच से निलंबन जैसी सजा मिल सकती है। इस बीच, फैंस और टीम मैनेजमेंट सवाल उठा रहे हैं कि जब गेंद को Shaheen Afridi और Haris Rauf ने भी छुआ, तो केवल फखर पर ही कार्रवाई क्यों? यह विवाद क्रिकेट जगत को एक बार फिर Steve Smith और David Warner के पुराने बॉल टेंपरिंग मामले की याद दिला रहा है। अब सभी की नजरें PCB के अंतिम फैसले पर टिकी हैं। Post navigation MI vs KKR: 2012 के बाद मुंबई की जीत, रोहित शर्मा–रिकेल्टन की बड़ी साझेदारी से रिकॉर्ड PBKS vs GT: कूपर कोनोली का धमाकेदार डेब्यू, पंजाब की जीत के बने हीरो