Twisha Sharma मामले की सुनवाई के दौरान Supreme Court of India ने बड़ा बयान दिया है। अदालत ने कहा कि किसी मामले में आरोपी अगर पूर्व जज हो, तो उसके आधार पर एक अलग “narrative” तैयार नहीं किया जाना चाहिए।

सुनवाई के दौरान Supreme Court ने जांच और कानूनी प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।

Supreme Court ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि किसी भी आरोपी के पेशे या पूर्व पद के आधार पर मामले को अलग नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।

Bench ने टिप्पणी करते हुए कहा कि कानून सभी के लिए समान है और जांच तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए, न कि public narrative के आधार पर।

Twisha Sharma Case पहले से चर्चा में

Twisha Sharma मामला पिछले कुछ समय से लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। परिवार और पुलिस की ओर से अलग-अलग दावे सामने आने के बाद यह मामला national discussion का हिस्सा बन गया।

सोशल media पर भी इस केस को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

जांच प्रक्रिया पर अदालत की नजर

Supreme Court of India ने सुनवाई के दौरान यह भी संकेत दिया कि जांच एजेंसियों को निष्पक्ष और कानून के दायरे में रहकर काम करना चाहिए।

Court ने कहा कि किसी भी मामले में media trial या public perception से प्रभावित हुए बिना जांच आगे बढ़नी चाहिए।

आगे की सुनवाई पर नजर

मामले में अगली सुनवाई और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर अब सभी की नजर रहेगी।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि Supreme Court की यह टिप्पणी मामले की आगे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

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