KKR vs LSG: कौन हैं मुकुल चौधरी? संघर्ष से IPL तक का सफरKKR vs LSG: कौन हैं मुकुल चौधरी? संघर्ष से IPL तक का सफर

आईपीएल 2026 में गुरुवार को ईडेन गार्डेन्स में खेले गए मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स ने कोलकाता नाइट राइडर्स को आखिरी गेंद पर हराकर शानदार जीत हासिल की। यह मैच बहुत रोमांचक रहा और आखिरी तक चला। इस जीत के हीरो 21 साल के बल्लेबाज मुकुल चौधरी रहे। उन्होंने दबाव में बेहतरीन खेल दिखाया और नाबाद 54 रन बनाए। उनकी शानदार पारी की वजह से लखनऊ टीम हारे हुए मैच को जीत में बदल पाई।

मुकुल ने संयम से दिलाया जीत

लखनऊ सुपर जायंट्स 182 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही थी, लेकिन टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। स्कोर 104/5 से गिरकर 128/7 तक पहुंच गया। इस दौरान मिचेल मार्श, एडेन मार्करम, ऋषभ पंत, निकोलस पूरन और आयुष बडोनी जैसे बड़े बल्लेबाज आउट होकर पवेलियन लौट गए। उस समय मैच पूरी तरह कोलकाता नाइट राइडर्स के पक्ष में लग रहा था।

ऐसे मुश्किल समय में मुकुल चौधरी बल्लेबाजी करने आए। उन्होंने पहले धीरे-धीरे पारी को संभाला और टीम को स्थिर किया। जैसे-जैसे उनका आत्मविश्वास बढ़ा, उन्होंने बड़े शॉट्स भी खेलने शुरू कर दिए। मुकुल ने सिर्फ 25 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने 27 गेंदों की पारी में 7 छक्के और 2 चौके लगाए। उनका सबसे खास शॉट मिडविकेट के ऊपर से लगा जोरदार छक्का था, जिसने दर्शकों को महेंद्र सिंह धोनी के हेलीकॉप्टर शॉट की याद दिला दी। इस शॉट के बाद मैच का रुख बदल गया और स्टेडियम में जोश भर गया।

लखनऊ को दिलाई शानदार जीत

आखिरी ओवर में लखनऊ को जीत के लिए 14 रन चाहिए थे। उस समय मैच बहुत रोमांचक हो गया था। मुकुल ने दबाव में एक छक्का लगाकर टीम की उम्मीद बनाए रखी। लेकिन अगली दो गेंदें डॉट रहीं, जिससे तनाव और बढ़ गया। इसके बाद उन्होंने एक और अच्छा शॉट खेला और मैच को आखिरी गेंद पर एक रन की जरूरत तक पहुंचा दिया। आखिरी गेंद पर वह शॉट ठीक से नहीं खेल पाए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। तेजी से दौड़कर लेग बाय का एक रन लिया और अपनी टीम को शानदार जीत दिला दी।

जानिए कौन हैं मुकुल चौधरी

मुकुल चौधरी की कहानी सिर्फ क्रिकेट मैदान तक सीमित नहीं है। इसके पीछे उनके परिवार की मेहनत और उनके पिता का बड़ा विश्वास भी है। मुकुल राजस्थान के झुंझुनू से आते हैं। उनके लिए क्रिकेट का सफर आसान नहीं था, क्योंकि घर में संसाधन बहुत सीमित थे। उनके पिता दलिप कुमार चौधरी ने बेटे के सपने को हमेशा सबसे ऊपर रखा। वह एक शिक्षक के रूप में काम करते थे और धीरे-धीरे अपनी आर्थिक स्थिति सुधारते रहे, ताकि मुकुल को अच्छी ट्रेनिंग मिल सके।
उन्होंने मुकुल को सीकर की एसबीएस क्रिकेट अकादमी में दाखिला दिलाया। बाद में बेटे के क्रिकेट करियर को बेहतर बनाने के लिए पूरा परिवार जयपुर शिफ्ट हो गया। यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन यह एक पिता के उस भरोसे को दिखाता है जो वह अपने बेटे के सपनों पर करता है।

मुकुल को धोनी से मिली प्रेरणा

दिलचस्प बात यह है कि मुकुल चौधरी ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत एक मध्यम गति के तेज गेंदबाज के रूप में की थी। लेकिन जब टीम को जरूरत पड़ी, तो उन्होंने विकेटकीपिंग शुरू कर दी। धीरे-धीरे उन्होंने इस भूमिका में खुद को ढाल लिया और इसमें अपनी पहचान बना ली। महेंद्र सिंह धोनी से प्रेरित होकर उन्होंने अपनी विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी दोनों को बेहतर बनाया। मेहनत और अभ्यास के दम पर उन्होंने खुद को एक भरोसेमंद फिनिशर के रूप में तैयार किया। आज मुकुल अपनी टीम के लिए कई अहम मौकों पर मैच खत्म करने वाले खिलाड़ी के रूप में जाने जाते हैं।

मुकुल ने किया दमदार प्रदर्शन

घरेलू क्रिकेट में मुकुल चौधरी के प्रदर्शन ने पहले ही दिखा दिया था कि वह बड़े स्तर के लिए तैयार हैं। 2025 के अंडर-23 स्टेट ए टूर्नामेंट में उन्होंने 617 रन बनाए। इसके बाद सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025-26 में उन्होंने 199 के स्ट्राइक रेट से 173 रन बनाए और चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। इसी शानदार प्रदर्शन के कारण लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें आईपीएल 2026 की नीलामी में 2.6 करोड़ रुपये में खरीदा। कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ इस मैच ने उन्हें एक मैच विनर खिलाड़ी के रूप में स्थापित कर दिया। वह दबाव में भी अच्छा खेल सकते हैं।

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