पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य में बड़ी संख्या में केंद्रीय बल तैनात किए गए, जिस पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बलों की मौजूदगी की वजह से लोगों ने बिना डर के मतदान किया। साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि इसका यह मतलब नहीं है कि वे चुनाव कराने के तरीके का समर्थन करते हैं। अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि इस बार उन्होंने देखा कि केंद्रीय बलों की मौजूदगी से आम लोग बिना डर के वोट डाल पाए। उन्होंने कहा कि लोग ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रहे थे, इसलिए खुलकर मतदान किया। उन्होंने यह भी साफ किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि वे भाजपा या चुनाव आयोग का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का मुद्दा अलग है। उनके अनुसार, लोगों ने सिर्फ इसलिए निडर होकर वोट दिया क्योंकि वहां केंद्रीय बल मौजूद थे और सक्रिय रूप से काम कर रहे थे। तृणमूल कांग्रेस पर बोला हमला कांग्रेस नेता ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी हर मुद्दे पर अदालत जा सकती है। लेकिन उन्होंने कहा कि पहले पुलिस और टीएमसी कार्यकर्ताओं ने मिलकर विपक्ष के लोगों को चुनाव में हिस्सा लेने से रोका। उनके अनुसार, पश्चिम बंगाल में पंचायत और नगरपालिका चुनावों के दौरान कई लोगों को नामांकन दाखिल करने तक की इजाजत नहीं दी जाती। उन्होंने कहा कि इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित होती है और विपक्ष को बराबरी का मौका नहीं मिल पाता, जो चुनाव के लिए सही नहीं है। टीएमसी का आरोप: मतगणना में गड़बड़ी कर रही है भाजपा टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा कि भाजपा मतगणना में गड़बड़ी करने की कोशिश कर रही है। उनके अनुसार, भाजपा को पहले से अंदाजा है कि वह चुनाव हार सकती है, इसलिए वह आखिरी समय तक नतीजों को प्रभावित करने में लगी है। उन्होंने यह भी कहा कि ममता बनर्जी चार मई को बड़ी जीत हासिल करेंगी। कुणाल घोष का आरोप है कि इसी कारण भाजपा मतगणना के दौरान गड़बड़ी और पक्षपात करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल में वोटों की गिनती चार मई को होने वाली है। Post navigation बंगाल चुनाव: पश्चिम बंगाल के 15 मतदान केंद्रों पर आज दोबारा वोटिंग, चुनाव आयोग ने ये कदम क्यों उठाया? क्यों अब तक कुंवारे हैं Suvendu Adhikari? परिवार और पर्सनल लाइफ का बड़ा खुलासा