PDA को टक्कर : उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव भले अभी दूर हों, लेकिन सियासी माहौल अभी से गरमाने लगा है। पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया खत्म होते ही यूपी में भी राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी रणनीतियों पर काम तेज कर दिया है। समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav जहां 2024 लोकसभा चुनाव में अपनाए गए PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले के सहारे मैदान में उतरने की तैयारी में हैं, वहीं भाजपा ने इसके जवाब में PD यानी “प्रोग्रेस एंड डेवलपमेंट” का कार्ड खेलना शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi और मुख्यमंत्री Yogi Adityanath विकास आधारित राजनीति के जरिए लगातार तीसरी बार जीत हासिल करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। विकास, महिला और हिंदुत्व—तीन बड़े मुद्दों पर भाजपा का फोकस भाजपा समाजवादी पार्टी की जातीय राजनीति का जवाब विकास के एजेंडे से देने की तैयारी में है। इसके साथ ही महिला आरक्षण का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया जा रहा है। “प्रोग्रेस, डेवलपमेंट और वीमेन” के कॉम्बिनेशन के जरिए पार्टी चुनावी माहौल बनाने में जुटी है। पिछले एक महीने में पीएम मोदी और सीएम योगी ने पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वांचल तक कई बड़े प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास किया है। नोएडा में सेमीकंडक्टर प्लांट, मेरठ मेट्रो, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट और देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट्स के जरिए विकास का संदेश देने की कोशिश की गई है। वहीं वाराणसी और हरदोई में भी बड़े विकास कार्यों और 1 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य को लेकर जोर दिया गया है। जमीन पर काम बनाम दावों की राजनीति भाजपा इस बार अपनी योजनाओं को केवल घोषणा तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारकर “मॉडल” के रूप में पेश करने की रणनीति पर काम कर रही है। कानून-व्यवस्था में सुधार और महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर सख्ती को भी प्रमुख मुद्दा बनाया जा रहा है, ताकि निवेशकों का भरोसा बढ़े और विकास की छवि मजबूत हो। दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी पिछली सरकारों की योजनाओं और PDA समीकरण के जरिए वोटरों को साधने की कोशिश में है। ऐसे में यूपी की सियासत में “विकास बनाम जातीय राजनीति” की सीधी टक्कर देखने को मिल सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव नजदीक आते-आते संवेदनशील मुद्दे भी जोर पकड़ सकते हैं, जिससे सियासी समीकरण बदल सकते हैं। फिलहाल, सभी दल अपने-अपने एजेंडे के जरिए जनता के बीच पकड़ मजबूत करने में जुटे हुए हैं। Post navigation यूपी चुनाव से पहले ISI की खतरनाक साजिश! बड़ा आतंकी हमला प्लान? बंगाल चुनाव: पश्चिम बंगाल के 15 मतदान केंद्रों पर आज दोबारा वोटिंग, चुनाव आयोग ने ये कदम क्यों उठाया?